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शोभा की वस्तु बनी आयुर्वेदिक अस्पाताल, अस्पताल में न है डाॅक्टर और न ही दवाई
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पुतुलबोना स्थित आयुर्वेदिक अस्पताल।

निजाम खान

कुंडहित/ जामताड़ा:एक तरफ सरकार विभिन्न प्रकार की जनकल्याणकारी योजनाये चला रही है।तो वही दूसरी ओर बहुत से जनकल्याणकारी योजना शोभा की वस्तु बनते देख रही है।जिसका ताजा उदाहरण जामताड़ा जिला के कुंडहित प्रखंड क्षेत्र के गायपाथर पंचायत अंतर्गत बाहुल्य आदिवासी पुतुलबोना स्थित आयुर्वेदिक औषाधालय केन्द्र इन दिनों शोभा की वस्तु बनकर रह गयी है।जिस पर कुंडहित प्रखंड के पंद्रह पंचायत कुंडहित सदर,आमलादही,नगरी,बाबुपुर,गड़जोड़ी,पालाजोड़ी,भेलुवा,अंबा,खजुरी,बनकाठी,बागडेहरी,सुद्राक्षीपुर,मुड़ाबेड़िया,गायपाथर और बिक्रमपुर पंचायतवासियों को उम्मीद जगी थी कि क्षेत्र में आयुर्वेदिक औषाधालय रहने से लोगों को विभिन्न प्रकार की बिमारीयों से छुटकारा निजात मिलेगा।पर लोगों की यह सारी उम्मीदों पर पानी फेर गया।
28 मई,2008 को नाला विधायक ने किया था केन्द्र का उद्घाटन:
वर्ष 2008 के 28 मई को पुतुलबोना आयुर्वेदिक औषाधालय केन्द्र का नाला विधानसभा के स्थानीय विधायक रविन्द्रनाथ महतो ने किया था।केन्द्र के उद्घाटन से पुतुलबोना,मेघरायपाड़ा,दलचक,कालीपाथर,बुड़ारडीह,नवडीहा,काकड़ाशोला,चंदनभीटा सहित आदि गांवों के लोगों में खुशी का ठीकाना नही रह गया था।लोगों का मानना था कि जिला के सबसे अंतिम पायदान पर आयुर्वेदिक आस्पाताल का निर्माण हुआ है।अब लोगों को 60 किमी आसनसोल,80 किमी बर्धमान पश्चिम बंगाल के आस्पाल को जाना नही पड़ेगा।पर सभी उम्मीद लोगों की जस की तस धरी रह गयी।
केन्द्र भी हुआ जर्जर:
दस साल बीता ही नही कि केन्द्र का दरवाजा,खिड़की जर्जर हो गया।भवन में न तो कोई चिकित्सक बैठते है और ना ही किसी प्रकार की दवाई मिलती है।पूरा भवन खुला पड़ा हुआ है।