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राज्य में घुसपैठ व सुरक्षा प्रमुख मुद्दे : दिलीप
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कोलकाता : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि भारत-बांग्लादेश सीमा के एक बड़े हिस्से पर असामाजिक गतिविधियां और घुसपैठ पर राज्य सरकार का नरम रुख मौजूदा लोकसभा चुनाव में राज्य का मुख्य मुद्दा हैं, क्योंकि ये देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं.
घोष ने एयरपोर्ट पर बातचीत में कहा कि महिला सुरक्षा में कमी, अंधाधुंध भ्रष्टाचार और राज्य की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस की राजनीतिक हिंसा भी भाजपा के लिए बंगाल में महत्वपूर्ण चुनावी मुद्दे हैं. घोष ने कहा कि बांग्लादेश और पश्चिम बंगाल के बीच 2,217 किलोमीटर लंबी अंतर्राष्ट्रीय सीमा में 1,000 किलोमीटर खुली हुई है. कई आतंकवादी और राष्ट्रविरोधी वहां से देश में घुस जाते हैं. यह बंगाल के लिए साथ ही पूरे देश के लिए चिंता जनक है. आज भारत की आंतरिक सुरक्षा को लेकर एक मुख्य चिंता बंगाल की खुली सीमा है. भ्रष्टाचार, सत्ताधारी पार्टी की राजनीतिक हिंसा भी धड़ल्ले से जारी है. इन प्रमुख समस्याओं को हर हाल में दूर किया जाना चाहिए. बंगाल में भाजपा की चुनावी तैयारी के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने पिछले कुछ वर्षो में राज्य में जमीनी स्तर पर काफी पकड़ बनाई है. पार्टी 42 लोकसभा सीटों में से 22 से अधिक पर जीत दर्ज कर सकती है, जो कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह का लक्ष्य है. घोष ने कहा कि अमित शाह ने बंगाल में हमारा लक्ष्य 22 से बढ़ाकर 23 कर दिया है. संभावनाएं बढ़ रही हैं, इसलिए लक्ष्य बढ़ाया गया है. पहले बंगाल में कोई भी भाजपा की गिनती नहीं करता था.

लेकिन पार्टी की राज्य इकाई ने पिछले कुछ वर्षो में पार्टी को जमीनी स्तर पर ले जाने में कड़ी मेहनत की है. उन्होंने कहा कि यही कारण है कि भाजपा बंगाल पर विशेष ध्यान दे रही है. शाह और मोदी ने कई बार राज्य का दौरा किया है और मतदान से पूर्व दोनों नेता फिर आयेंगे. उन्हें पता है कि बंगाल भाजपा एक अच्छा परिणाम देने में सक्षम है.

उन्होंने कहा कि हम सभी 42 सीटों पर कड़ी चुनौती पेश करेंगे और उनमें से कोई भी जीत सकते हैं. कोई भी सीट ऐसी नहीं है, जो हमारी पहुंच से बाहर हो. पार्टी ने उन स्थानों पर काफी सुधार किया है, जहां हम कमजोर थे.