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युवा अवस्था में हत्या करने वाला हत्याकांड के सिद्धदोष अभियुक्त 27 साल बाद वृद्वा अवस्था में हुआ गिरफ्तार, भेजा गया जेल
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संतोष वर्मा

चाईबासा। 27 वर्ष पूर्व जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र के सियालजोड़ा निवासी जगबंधु हाईबुरू नें अपना ही चाचा सुरेंद्र हाईबुरु को कुदाली से मारकर हत्या कर दिया था. इस सबंध में 1992 में शेलाई हाईबुरु के बयान पर पूर्व थाना प्रभारी एके गुप्ता ने हत्या का मामला दर्ज किया गया था.इधर जगबंधु हाईबुरु जब अपना चाचा का युवा अवस्था में हत्या किया था लेकिन जब जगन्नाथपुर पुलिस हत्याकांड के सिद्वदोषी अभियुक्त को पकड़ा गया वृद्वा अवस्था मे. जगबंधु हाईबुरू की गिरफ्तारी के लिए जगन्नाथपुर थाना प्रभारी मधुसुदन मोदक के नेतृत्व में छापामारी कर 27 साल बाद हत्याकांड के सिद्धदोष अभियुक्त जगबन्धु हायबुरू को बुधवार को सुबह गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।इस सबंध में मिली सूचना के अनुसार दो दशक से फरार चल रहे अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस कप्तान इंद्रजीत माहाथा दिशा निर्देश पर उन अभियुक्तों को पकड़ने के लिए जिला के विभिन्न थाना क्षेत्रों में अभियान चलाया जा रहा है.इसी कड़ी में यह 27 वर्ष से फरार चल रहा अभियुक्त को पकडा गया.बताया गया की

थाना प्रभारी मधुसूदन मोदक ने बताया कि जगबन्धु हायबुरु आज से 27 साल पूर्व वर्ष 1992 में अपने चाचा सुरेंद्र हायबुरु को कुदाल से मारकर हत्या कर दिया था जिसपर अभियुक्त जागबन्धु हायबुरु गिरफ्तार कर पहले भी जेल भेजा गया और न्यायालय से ज़मानत मिलने के पश्चात अभियुक्त न्यायालय में उपस्थित नही हुआ. वहीं न्यायालय द्वाराृ बाद कांड में अभियुक्त को दोषी करार दिया गया तथा अभियुक्त की गिरफ्तारी हेतु वारंट निर्गत किया गया है जिसमे अभियुक्त को गिरफ्तार कर न्यायालय चाईबासा में भेजा जा रहा है.बताया गया की
अभियुक्त के चाचा सुरेंद्र हायबुरु जरोज हड़िया दारू पीकर अभियुक्त के पिताजी को गाली गोलोज देकर झगड़ा किया करता था तो अभियुक्त ने परेशान होकर कुदाल से अपने चाचा की हत्या कर दी थी. गिरफ्तारी दल में थाना प्रभारी मधुसूदन मोदक के साथ स०अ०नि० उमेश प्रसाद, तारकनाथ सिंह, सोमाय टुडू एवं जिला बल के जवान शामिल थे।