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डालसा ने साइबर अपराध से बचने के लिए जागरूक और सजग रहने का चलाया जागरूकता अभियान
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संतोष वर्मा

चाईबासा। जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पश्चिम सिंहभूम चाईबासा के अध्यक्ष सह प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोरंजन कवि के निर्देशानुसार जिले भर में चलाए जा रहे विधिक जागरूकता अभियान के तहत आज दिनांक 17-07-19 को सदर प्रखंड के तमाड़बांध के आंगनबाड़ी केंद्र में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया ।इस शिविर में पीएलवी हेमराज निषाद ने उपस्थित छात्रों और ग्रामीणों को कई महत्वपूर्ण विधिक जानकारियां और कानूनों से अवगत कराया जिसमें साइबर क्राइम पर विशेष जोर देते हुए बताया गया कि जागरूकता से ही साइबर अपराध का शिकार होने से बचा जा सकता है ।किसी भी नंबर से आए आपके फोन कॉल पर कभी भी अपने बैंकिंग संबंधी जानकारी नहीं उपलब्ध कराएं। जैसे कि आपका अकाउंट नंबर, एटीएम कार्ड नंबर ,ओटीपी इत्यादि, वरना आप ठगी के शिकार हो सकते हैं। कोई भी बैंक कभी भी इस तरह की जानकारी फोन पर अपने कस्टमर से नहीं मांगती है ।आपके मोबाइल पर आए यह फर्जी कॉल हो सकता है ।फर्जी कॉल आने पर आप इसकी शिकायत पुलिस हेल्पलाइन नंबर 100 पर तुरंत कर सकते हैं ।इसलिए आप सभी जागरूक रहें, सजग रहें और ठगी का शिकार होने से बचे ।इसके बाद पीएलबी रत्ना चक्रवर्ती ने उपस्थित लोगों को डायन प्रथा निषेध अधिनियम 2001 के बारे बताया जिसके अंतर्गत झारखंड में डायन प्रथा को एक सामाजिक कुप्रथा और अपराध की संज्ञा दी गई है इसके अंतर्गत अलग-अलग मामलों में 1 से 3 साल की सश्रम कारावास और जुर्माना का प्रावधान है इसलिए इस अपराध से बचे और किसी को डायन ना कहें क्योंकि यह एक सामाजिक कुप्रथा और अंधविश्वास है । डायन भूत जैसी कोई चीज नहीं होती है । इसके बाद जरूरी हेल्पलाइन नंबरों से अवगत कराया गया जैसे चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098, निशुल्क एंबुलेंस हेल्पलाइन नंबर 108, अग्नि समन हेल्पलाइन नंबर 101 एवं लोगों को बताया गया कि किसी भी आपातकालीन स्थिति में इन नंबरों का प्रयोग तुरंत किया जा सकता है एवं आप किसी की भी जानमाल को क्षति होने से बचा सकते हैं। इस शिविर में आंगनबाड़ी केंद्र तमाड़बांध के विद्यार्थीगण, सेविका गीता बोईपाई और सहायिका सुनीता बोदरा के अलावे अन्य बहुत सारे ग्रामीण जन उपस्थित थे। इसकी जानकारी प्राधिकरण के सचिव कृष्ण कांत मिश्रा ने दी।