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चमकी बुखार: 16 और बच्चों की मौत, दिल्ली से विशेषज्ञों की पांच टीमें आयेंगी
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चमकी बुखार ने उत्तर बिहार के अलावा सूबे के अन्य हिस्सों में भी कहर बरपाना शुरू कर दिया है. लगातार 19वें दिन बुधवार को भी 16 बच्चों की मौत हो गयी. मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच में आठ बच्चों की जान चली गयी. वहीं, शहर के केजरीवाल अस्पताल में एक बच्चे ने दम तोड़ दिया. उधर, जेएलएनएमसीएच, भागलपुर में चार, वैशाली के महनार, समस्तीपुर व मधुबनी में एक-एक बच्चे की मौत हो गयी. दूसरी ओर भर्ती होने वाले बच्चों का भी आंकड़ा घटने का नाम नहीं ले रहा है. 24 घंटे के अंदर एसकेएमसीएच व केजरीवाल में 32 नये बच्चों को भर्ती किया गया.

एसकेएमसीएच में जहां 24 बच्चे भर्ती किये गये, वहीं केजरीवाल में आठ बच्चे भर्ती किये गये. पीड़ित बच्चों के आने का सिलसिला नहीं रुकने के कारण एसकेएमसीएच के कैदी वार्ड खाली करा दिया गया है. उसमें बच्चों के लिए पीआइसीयू बनाया गया है, जिसमें 19 बेड लगाये गये हैं. उधर, मधुबनी के झंझारपुर में चमकी बुखार से पांच साल की एक बच्ची की मौत हो गयी. उसकी पहचान बेलाराही गांव निवासी सदाय के पांच वर्षीय पुत्री शीला कुमारी के रूप में की गयी है. वहीं, समस्तीपुर के सरायरंजन में लाटबसेपुरा के वार्ड 6 निवासी संजय दास के पुत्र गोलू कुमार की मौत हो गयी.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डाॅ हर्षवर्धन ने मुजफ्फरपुर में बच्चों में फैली अज्ञात बीमारी की बुधवार को समीक्षा की. इसके बाद उन्होंने बिहार में विशेषज्ञों की पांच केंद्रीय टीमें तत्काल बिहार भेजने का निर्देश दिया. टीमों में 10 विशेषज्ञों के साथ पारा मेडिकल स्टाफ भी शामिल हैं. ये टीमें मुजफ्फरपुर में जेइ व एइएस की इलाज में सहयोग करेंगी. डाॅ हर्षवर्धन ने निर्देश दिया कि राज्य को जेइ व एइएस बीमारी की रोकथाम व इलाज में सहयोग के लिए केंद्रीय टीमें भेजी जा रही हैं. इनमें दिल्ली के राम मनोहर लोहिया हॉस्पिटल, सफदरजंग अस्पताल और लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज के 10 शिशु रोग विशेषज्ञ शामिल हैं. ये टीमें एसकेएमसीएच में भर्ती मरीजों के इलाज में सहयोग करेंगी. साथ ही ग्रामीण इलाकों में मरीजों की निगरानी करेगी.