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कांग्रेस में संकट : गोवा में कांग्रेस के 10 विधायक भाजपा में शामिल
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नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव में जबर्दस्त पराजय के बाद कांग्रेस पार्टी में उठा तूफान शांत होने का नाम नहीं ले रहा है. कर्नाटक में उसकी जेडीएस के साथ गठबंधन पर जहां संकट बरकरार है, वहीं गोवा में उसके 10 विधायकों ने भाजपा में शामिल होकर जोर का झटका दिया है. भाजपा के हुए यह सभी 10 कांग्रेसी विधायक आज 11 जुलाई गुरूवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व गृहमंत्री अमित शाह से में बुधवार को हुए बड़े राजनैतिक घटनाक्रम ने देश में सियासी भूचाल ला दिया है.

भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस में जबर्दस्त सेंध लगाते हुए न केवल उसे दो फाड़ कर दिया है, बल्कि नेता विपक्ष चंद्रकांत कावलेकर के नेतृत्व में कांग्रेस के 10 विधायकों को अपने में शामिल कर लिया. भाजपा में शामिल हुए कांग्रेस के ये विधायक आज यानी गुरुवार को गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत के साथ गृह मंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात करेंगे. कांग्रेस के राज्य में 15 विधायक थे. अब पांच बचे हैं.

भाजपा विधायकों की संख्या 17 से बढ़कर 27

कावलेकर ने पार्टी की राज्य इकाई में टूट के लिए गोवा में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के बीच मतभेद और विपक्षी विधायकों के निर्वाचन क्षेत्रों में विकास कार्य नहीं होने को जिम्मेदार बताया. इस हतप्रभ कर देने वाले घटनाक्रम के बाद अब राज्य विधानसभा में भाजपा विधायकों की संख्या 17 से बढ़कर 27 हो गई है.

ये विधायक भाजपा में शामिल

जो दस विधायक कांग्रेस से अलग हुए हैं उनमें चंद्रकांत कावलेकर, इसीडोर फर्नाडिस, फ्रांसिस सिलवेरा, फिलिप नेरी रोड्रिगेज, जेनिफर एवं अतानासियो मोनसेराते, अंतोनियो फर्नाडिस, नीलकंठ हालारंकर, कलाफासियो डॉयस और विल्फ्रेड डी सा शामिल हैं.

विधानसभा अध्यक्ष ने मुहर लगा दी

कांग्रेस के पास अब पांच विधायक बचे हैं. इनमें दिगंबर कामत, लुजिन्हो फलेरियो, रवि नाइक, प्रताप सिंह राणे (यह सभी राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके हैं) और अलेक्सो रेजिनाल्डो शामिल हैं. कांग्रेस से अलग हुए विधायकों के इस समूह के भाजपा में शामिल होने पर विधानसभा अध्यक्ष ने बुधवार को देर शाम मुहर लगा दी.

भाजपा में कर दिया विलय

इसके बाद राज्य के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने राज्य विधानसभा परिसर में संवाददाताओं से कहा, कांग्रेस के दस विधायकों ने, जो कांग्रेस विधायक दल का दो तिहाई हिस्सा हैं, नेता विपक्ष चंद्रकांत कावलेकर के नेतृत्व में अपनी पार्टी को छोड़ दिया और अपना विलय भाजपा में कर दिया.