Home / breaking news
एसआररूगंटा सभागार में मुख्यमंत्री स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार’2019 हेतु एक दिवसीय उन्मुखीकरण सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया
Image

संतोष वर्मा

चाईबासा।मंगलवार को एसपीजी मिशन बालक उच्च विद्यालय परिसर स्थित एसआर रूंगटा सभागार में यूनिसेफ के सौजन्य से महिला सृजन महिला मंच,चक्रधरपुर द्वारा मुख्यमंत्री स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार’2019 हेतु एक दिवसीय उन्मुखीकरण सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सदर,झींकपानी और खूंटपानी के स्वच्छता पर टू से फाइव स्टार प्राप्त विद्याल़यों के नोडल शिक्षक शिक्षिकाओं को स्वच्छता के विभिन्न आयामों की उचित मापदंड पूरा करने के बारे विस्तृत जानकारी दी गई।सृजन मंच के बासिल टोप्पो ने पुरस्कार के लिए अधिक अंक प्राप्त करने के मापदंडों की जानकारी दी।टोप्पो ने बताया कि विद्यालय में पीने के पानी का स्रोत,संग्रहित पेयजल,विद्यालय में पेयजल की उपलब्धता एवं उनकी गुणवत्ता का परीक्षण,शौचालय की सुविधा एवं हाथ धोने के लिए पानी का मुख्य स्रोत,मध्याह्न भोजन के हाथ धोने हेतु पानी स्रोत,लड़के एवं लड़कियाें के लिए अलग-अलग क्रियाशीलड शौचालय की सुविधा,विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए शौचालय की सुविधा,सैनिटरी कचरे के निपटान के लिए डस्टबिन की सुविधा,शौच एवं मध्याह्न भोजन के बाद साबुन का प्रयोग,ठोस अपशिष्ट का निपटान की व्यवस्था,बाल सांसद जो स्वास्थ्य एवं स्वच्छता संबंधी प्रथा को बढ़ावा देता हो,विद्यालय में स्वच्छता संबंधी पोस्टर लगाने एवं बच्चों में स्वच्छ रहने की आदत डालने आदि उनतालीस मापदंड पूरा करने से पुरस्कार के लिए अच्छे अंक हासिल होंगे।कार्यक्रम में सदर प्रखंड के बीईईओ नागेश्वर सिंह,खूंटपानी के नागदेव यादव और झींकपानी के बीइइओ बालेश्वर द्विवेदी ने अपने सम्बोधन में कहा कि गंदगी के कारण कई बीमारियों से सामना करना पड़ता है।इन समस्याओं से निजात पाने के लिए स्वच्छता काफी हद तक कारगर साबित हुआ है।सभी बीइइओ ने स्वच्छ पुरस्कार के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वास्थ्य का सीधा संबंध स्वच्छता से है।इसीलिए विद्यालय स्तर से ही स्वच्छता पर गंभीर रहने की आवश्यकता है। इस दौरान सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. जगन्नाथ हेम्ब्रम ने कहा कि स्वच्छता से आज कल हो रही सर्पदंश की घटना से भी बचा जा सकता है।डॉ.हेम्ब्रम ने कहा कि हमारे आस-पास गैर जरूरी झाड़ियां काट देना आवश्यक है।इसके अलावे उन्होंने सर्पदंश से बचने एवं बचाव के कई तरीके बताए।उन्होंने बताया कि कई मरीज सांप के जहर से कम डर से ज्यादा मरते हैं।डॉ. हेम्ब्रम ने कहा कि सर्पदंश की घटना घटने पर झाड़-फू्ंक के चक्कर में नहीं पड़कर मरीज को सरकारी स्वास्थ्य केन्द्र लाना चाहिए।उन्होंने जानकारी दी कि अब तक 49 सर्पदंश की घटना हुई है जिसमें सतर्कता की वजह से 42 मरीज बच गए।
कार्यक्रम में सृजन महिला मंच के सचिव नरगिस खातून,एपीओ अजय कुंडु,दीपक कुमार सदर,झींकपानी और खूंटपानी के शिक्षक-शिक्षिकाएं कृष्णा देवगम,सरिता पुरती ,अनीता सोय ,रानी पूनम,उर्मिला कुमारी,कमला बुड़ीउली,दामु सुंडी,मनोज कुमार,जयराम मछुवा,एकलव्य दास,जेवियर देवगम,दिनेश बिरूवा,शांतिप्रिय बालमुचु,चन्द्रवती बुड़ीउली,क्रियाम बुड़ीउली,जनक किशोर गोप,अजीत कुमार सिंकु,ललित नारायण सावैयां,संजीव कुमार,योगेन्द्र गोप,सत्यनारायण सिन्हा,घनश्याम सिंकु,तुराम देवगम,गंगाराम अल्डा,सीता बारी आदि उपस्थित थे।