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Oct,30,2020 08:36:52

सिदगोड़ा की इंद्रावती मौत प्रकरण में सवाल उठाने वाले मामा शिवराज सिंह स्वयं सवालों के घेरे में
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सिदगोड़ा की इंद्रावती मौत प्रकरण में सवाल उठाने वाले मामा शिवराज सिंह स्वयं सवालों के घेरे में
भाई शिवराज द्वारा लिया गया 5 लाख रुपया वापस नहीं करने से कहीं डिप्रेशन में तो नहीं थी इंद्रावती?
जीजा पैसों की मांग कर रहा था, भांजे पैसों के लिए दबाव बना रहे थे , इसीलिए फसाना चाहता है शिवराज क्या?
सिदगोड़ा की इंद्रावती मौत प्रकरण में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाने वाले इंद्रावती के भाई शिवराज सिंह खुद सवालों के घेरे में हैं . कहा तो यह भी जाता है कि शिवराज सिंह द्वारा पारिवारिक मामलों में हस्तक्षेप की वजह से ही इंद्रावती आत्महत्या के लिए विवश हुई . क्योंकि वह अपने भाई शिवराज सिंह के हस्तक्षेप से परेशान हो गई थी क्या ? मामा शिवराज सिंह से सवाल तो बहुत सारे हैं लेकिन सबसे अहम सवाल यह है की इंद्रावती देवी की बेटी रोशनी जो एक तलाकशुदा महिला है, वह कहां है ? क्या करती है ?उसका कुछ पता नहीं चल रहा है . उसे किसने रखा है? क्या उससे कहीं गलत काम तो नहीं करवाए जा रहे हैं ?तमाम तरह के सवाल शिवराज सिंह से क्यों पूछे जा रहे हैं ? इसका मतलब साफ है कि कहीं ना कहीं पारिवारिक मामले में शिवराज सिंह का हस्तक्षेप है. कहा तो यह भी जाता है की रोशनी के अपने पति से तलाक के पीछे शिवराज सिंह का हाथ है. इतना ही नहीं टाटा स्टील के कर्मचारी इंद्रावती के पति दूधेश्वर नाथ ने परिवार की जानकारी में शिवराज सिंह को ₹5 लाख दिए थे. ऐसा तो नहीं की बहन ने उस रुपए की मांग की . बहनोई ने तगादा किया और भांजे ने दबाव बनाया. इसलिए शिवराज सिंह की बहन ने आत्महत्या की और उसी के हत्या के केस में शिवराज सिंह अपने बहनोई और और भांजे को फंसा कर जेल भेजने की साजिश रच रहा है. चर्चा में तो बहुत सारी बातें की हैं लेकिन ना तो हम उसे कह सकते हैं और ना लिख सकते हैं ? लेकिन इंद्रावती देवी की मौत प्रकरण का मामला सिदगोड़ा पुलिस के अनुसंधान में है . पुलिस के अनुसंधान के बाद सच्चाई के सामने आने की संभावना है. अनुसंधान में यह भी बात सामने आएगी कि शिवराज सिंह इस पूरे घटनाक्रम में कितना सनलिप्त है या नहीं. उल्लेखनीय है कि इसी वर्ष मार्च महीने में बारीडीब ट्यूब कॉलोनी निवासी दूधेश्वर नाथ की पत्नी इंद्रावती की लाश उनके कमरे में फंदे से झूलती हुई मिली थी . उनके कमरे में काफी अधिक मात्रा में डिप्रेशन और नींद की दवा पाई गई थी . दवा से स्पष्ट था कि वह डिप्रेशन में थी, लेकिन इसके पीछे वजह क्या थी ? वजह वही ₹5 लाख रुपये को बताया जाता है, जो शिवराज सिंह लेने के बाद वापस नहीं कर रहा था. इतना ही नहीं परिजनों का यह भी आरोप है कि अनजाने में दूधेश्वर नाथ ने अपने साले शिवराज सिंह को और भी लाखों रुपए दिए थे, जिसका न तो परिवार को जानकारी है ना दूधेश्वर नाथ ने अपने परिवार को इस बारे में कुछ बताया है. कहते हैं कि इस बात की जानकारी भी इंद्रावती देवी को लग गई थी , जिसकी वजह से उसका डिप्रेशन अचानक बढ़ गया था . दरअसल यह पूरा मामला एक बार फिर से सुर्खियों में इसलिए है कि गुरुवार को शिवराज सिंह अपने कुछ करीबी लोगों के साथ एसएसपी से मिलने गया था . उसने इस पूरे मामले में अपने दोनों भांजे सौरव और सचिन को भी आरोपी बनाए जाने की एसएसपी से मांग की और उन्हें जेल भेजने का भी अनुरोध किया. लेकिन शिवराज ने अपने ऊपर लगे आरोपों के बारे में एसएसपी को क्यों नहीं बताया. अगर उसने एसएसपी को अपने ऊपर लगे आरोपों के बारे में जानकारी दी होती तो वह जान रहा है कि उसे भी इंद्रावती देवी मौत प्रकरण में सलाखों के पीछे जाना होगा. अपने इस अपराध को छुपाने के लिए वह अपने दोनों भांजों को भी जेल भेजवाना चाहता है . जवाब तो उसे इस बात का भी देना होगा कि इंद्रावती देवी की बेटी तलाकशुदा रोशनी अपने एक बच्ची के साथ कहां है? अगर वह उनके बारे में जानता है तो एसएसपी को क्यों नहीं बताया. अगर वह नहीं जानता है तो भी उसे रोशनी और उसके बच्चे के बारे में बताना चाहिए कि हम नहीं जानते हैं . दूधेश्वर नाथ जेल में है. शिवराज अपने खिलाफ बोलने वाले को जेल भिजवाने की तैयारी में है. यानी अपने दोनों भांजे को. भांजी रोशनी अपने एक बच्चे के साथ कहां है ? यह भी कहा जाता है कि रोशनी और उसका एक बच्चा शिवराज सिंह की देखरेख में है . वह इसलिए उसे अपने कब्जे में रखा है ताकि वह उसके खिलाफ कोई आवाज न उठाएं . दूधेश्वर नाथ के पड़ोसियों ने नाम न छापे जाने की शर्त पर बताया कि रोशनी अपने एक बच्चे के साथ शिवराज सिंह के कब्जे में है . जहां तक दोनों भांजे की बात है तो अक्सर रुपए के लेन-देन को लेकर शिवराज सिंह का अपने भांजे के साथ विवाद हुआ करता था. पूर्व में इस संबंध में टेल्को थाना में एक मामला भी दर्ज कराया गया था. रुपए पैसे के लेनदेन को लेकर हुए झगड़े का यह मामला शिवराज सिंह द्वारा दर्ज कराया गया था. इस मामले में उसके दोनों भांजे को जेल भी जाना पड़ा था. अगर इस पूरे मामले की जांच हुई तो परत दर परत कई रहस्य खुलेंगे . संभव है कि आरोप लगाने वाला आरोप के घेरे में आ जाए.

शिवराज सिंह के कारनामे की अगली कड़ी

इंद्रावती की मौत के बाद टीएमएच में दूधेश्वर नाथ और शिवराज सिंह दोनों ने एक पेपर पर दस्तखत बनाए थे, जिसमें इंद्रावती द्वारा डिप्रेशन में आत्महत्या कर लिए जाने की बात कही गई थी . उसके बाद अचानक ऐसा क्या हुआ कि शिवराज सिंह अपने पूर्व के वादे से मुकर गया और हत्या का आरोप लगाने लगा अपने बहनोई और भांजो पर. अगली कड़ी में हम इस पर भी विस्तार से चर्चा करेंगे.

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