Home / breaking news

Oct,01,2020 04:58:57

1 अक्टूबर से रोजमर्रा की जरूरतों में हो रहा यह बदलाव, बैंक-वाहन, डीएल से जुड़े यह नियम होंगे प्रभावी
Image

नई दिल्ली. देश में जारी कोरोना संकट के बीच 1 अक्टूबर से रोजमर्रा की कई चीजें बदलने वाली है. ड्राइविंग लाइसेंस-डीएल रखने की टेंशन खत्म हो जाएगी. दुकानदार पुरानी मिठाई नहीं बेच सकेंगे. 1 अक्टूबर से देश से बाहर पैसा भेजने पर भी टीसीएस कटेगा. साथ ही बैंकिंग और मोटर वाहन सहित अन्य नियमों में बदलाव होने जा रहे हैं. 1 अक्टूबर से मोटर वाहन नियम, रसोई गैस और उज्जवला योजना समेत कई नियम बदल रहे है. ऐसे में जरूरी है कि आप इनके बारे में पहले से ही जान लें.

दुकानदार नहीं बेच सकेंगे पुरानी मिठाई

बाजार में बिकने वाली खुली मिठाइयों को लेकर सरकार सख्त हो गई है. अब मिठाई दुकानदार को उसके इस्तेमाल की समय सीमा बतानी होगी. मिठाइयों का कितने समय तक उसका इस्तेमाल ठीक रहेगा उसकी समयसीमा की जानकारी उपभोक्ताओं को देनी होगी. खाद्य नियामक एफएसएसएआई ने इसे 1 अक्टूबर 2020 से अनिवार्य बनाया है. एफएसएसएआई ने खाने की चीज की सेफ्टी तय करने के तहत खाने का सामान बेचने वाले ग्राहकों के लिए 1 अक्टूबर से खुली मिठाइयों पर इस्तेमाल की समय सीमा प्रदर्शित करना जरूरी कर दिया है.

टीवी खरीदना महंगा होगा

1 अक्टूबर से टीवी खरीदना भी महंगा हो जाएगा. सरकार ने टीवी के विनिर्माण में उपयोग होने वाले ओपन सेल के आयात पर 5 फीसदी सीमा शुल्क बहाल करने का फैसला किया है. इसके लिए सरकार ने एक साल की छूट दी थी, जो 30 सितंबर को खत्म हो जाएगी. इससे 32 इंच के टीवी का दाम 600 रुपए और 42 इंच का दाम 1,200 से 1,500 रुपए तक बढ़ जाएंगे. इसलिए 1 अक्टूबर से टीवी खरीदना महंगा होना तय है.

मोटर वाहन नियमों में होगा बदलाव

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने मोटर वाहन नियमों में संशोधन करने की जानकारी दी है. इसके बाद अब 1 अक्टूबर से वाहन संबंधी जरूरी डॉक्युमेंट्स जैसे-लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन डॉक्युमेंट्स, फिटनेस सर्टिफिकेट, परमिट्स आदि को सरकार द्वारा संचालित वेब पोर्टल के माध्यम से मेंटेन किया जा सकेगा. अब आप डिजिटल कॉपी दिखाकर ही काम चला सकते हैं. इस वेब पोर्टल पर लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन के सस्पेंशन, कंपाउंडिंग और रिवोकेशन समेत ई-चालान जैसे अपराधों का रिकॉर्ड भी उपलब्ध होगा.

ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना आसान होगा

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने कहा कि उसने मोटर वाहन नियम 1989 में किए गए तमाम संशोधनों के बारे में नोटिफिकेशन जारी किया गया है, जिसमें मोटर वाहन नियमों की बेहतर निगरानी और उन्हें लागू करने के लिए एक अक्टूबर 2020 से पोर्टल के माध्यम से वाहन संबंधी दस्तावेजों और ई-चालान का रखरखाव किया जा सकेगा. नए नियमों के तहत अब ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए आपको ज्यादा डॉक्यूमेंट्स की जरूरत नहीं पड़ेगी. केंद्र सरकार ने डीएल बनवाने के लिए नियमों को आसान कर दिया है.

ड्राइविंग करते समय इन बातों का रखना होगा ध्यान

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने कहा कि 1 अक्टूबर से ड्राइविंग करते समय मोबाइल या अन्य हैंड हेल्ड डिवाइस का इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन इसका इस्तेमाल केवल रूट देखने के लिए किया जाए. इसके साथ ही इस बात का भी ध्यान रखा जाए कि मोबाइल के इस्तेमाल से ड्राइविंग करते समय ड्राइवर का ध्यान भंग ना हो. हालांकि, ड्राइविंग करते समय मोबाइल से बात करने पर 1 हजार से 5 हजार रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है.

फ्री नहीं मिलेगा एलपीजी सिलेंडर

सरकार की लोकप्रिय योजना प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत मुफ्त गैस सिलेंडर की अवधि 30 सितंबर 2020 को खत्म हो रही है. सरकार इस योजना के तहत गरीबों को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन देती है. कोरोना के चलते इस योजना के तहत मुफ्त सिलेंडर भी दिया गया. इसकी तारीख को अप्रैल से सितंबर तक बढ़ाया गया था. वहीं 1 अक्टूबर को गैर-सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडर और कामर्शियल गैस के रेट भी रिवाइज होंगे.

इस ट्रांजैक्शन पर टैक्स लगेगा

केंद्र सरकार ने विदेश पैसे भेजने पर टैक्स वसूलने से जुड़ा नया नियम बना दिया है. ऐसे में अगर आप विदेश में पढ़ रहे अपने बच्चे के पास पैसे भेजते हैं या किसी रिश्तेदार की आर्थिक मदद करते हैं तो रकम पर 5 फीसदी टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स (टीसीएस) का अतिरिक्त भुगतान करना होगा. फाइनेंस एक्ट, 2020 के मुताबिक, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (एलआरएस) के तहत विदेश पैसे भेजने वाले व्यक्ति को टीसीएस देना होगा. एलआरएस के तहत 2.5 लाख डॉलर सालाना तक भेज सकते हैं, जिस पर कोई टैक्स नहीं लगता. इसी को टैक्स के दायरे में लाने के लिए टीसीएस देना होगा.

हेल्थ इंश्योरेंस के तहत मिलेंगी अधिक सुविधाएं

बीमा नियामक आईआरडीएआई के नियमों के तहत हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी में एक बड़ा बदलाव होने वाला है. 1 अक्टूबर से सभी मौजूदा और नए हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसीज के तहत किफायती दर पर अधिक बीमारियों का कवर उपलब्ध होगा. यह बदलाव हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी को स्टैंडर्डाइज्ड और कस्टमर सेंट्रिक बनाने के लिए किया जा रहा है. इसमें कई अन्य बदलाव भी शामिल हैं. बीमा नियामक प्राधिकरण इरडा (इरडा) ने उन नियमों में बदलाव किया, जिससे लोगों को फायदा होगा. इसके अलावा कंपनियां अपनी मनमर्जी से क्लेम को रिजेक्ट नहीं कर पाएंगी.

घर बैठे मिलेंगी वित्तीय सेवाएं

बैंक ग्राहकों को अभी घर बैठे-बैठे चेक, डिमांड ड्राफ्ट, पे ऑर्डर पिक करने जैसी गैर-वित्तीय सेवाएं ही मिलती हैं. इसके अलावा एफडी के ब्?याज पर लगने वाला टैक्स बचाने के लिए जमा किए जाने वाले फॉर्म-15जी व 15एच, आयकर या जीएसटी चालान पिक करने के साथ ही अकाउंट स्टेटमेंट रिक्वेस्ट, टर्म डिपॉजिट रसीद की डिलीवरी की सुविधा भी ग्राहकों को घर पर ही उपलब्ध कराई जाती है. डोरस्टेप बैंकिंग सर्विस लॉन्च होने के बाद अब वित्तीय सेवाएं अक्टूबर 2020 से घर पर ही उपलब्ध होंगी.

Latest Post